SIT की रिपोर्ट के बाद UP सरकार ने दर्ज कराया केस, धोखाधड़ी-आपराधिक साजिश की धाराएं लगीं, अखिलेश यादव के आरोपों के बाद बढ़ी थी हलचल
कलमवीर, अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में कथित गबन के मामले में यूपी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। FIR में टिन्नू यादव और अनुकल्प मिश्रा समेत कुल आठ आरोपियों के नाम हैं। कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में केस दर्ज करने की सिफारिश के बाद ये एक्शन लिया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच आगे बढ़ने पर बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। फिलहाल SIT की जांच जारी है।
चंपत राय का नाम FIR में नहीं
गौरतलब है कि FIR में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है। ट्रस्ट के अनुरोध पर ही राज्य सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया था। ट्रस्ट ने खुद मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित दुरुपयोग की जांच की मांग की थी।
अखिलेश यादव के आरोपों से गरमाया था मामला
इस विवाद ने राजनीतिक रंग तब पकड़ा जब 7 जून को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया था कि राम मंदिर में चढ़े करोड़ों के दान का हिसाब साफ नहीं है। उन्होंने मामले में न्यायिक संज्ञान लेने की मांग की थी।
इस पर चंपत राय ने पलटवार करते हुए सपा और कांग्रेस पर 2027 विधानसभा चुनाव के लिए मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया था। अब सबकी नजरें SIT की अगली कार्रवाई और जांच में होने वाले खुलासों पर टिकी हैं।
