MP में कांग्रेस छोड़ BJP में आए नेताओं की खुलेगी किस्मत, सुरेश पचौरी समेत इन्हें मिलेगा पद ?

developer
developer 27 Views
5 Min Read

मध्य प्रदेश में एक तरफ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर कवायद चल रही है तो दूसरी तरफ सियासी हलचल भी जारी है. बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए नेताओं को भी एडजस्ट करने की तैयारी है. क्योंकि मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, बताया जा रहा है कि कांग्रेस से आए बड़े नेताओं को निगम मंडल में एडस्ट किया जाएगा, जबकि कुछ लोगों को बीजेपी की नई कार्यकारिणी में भी जगह दी जाएगी. क्योंकि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के कई बड़े नेता बीजेपी में शामिल हुए थे. 

मध्य प्रदेश में डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार को 11 महीने से भी ज्यादा का वक्त बीत गया है, लेकिन अब तक निगम मंडल की नियुक्तियां नहीं हुई हैं, बताया जा रहा है कि पार्टी स्तर पर कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक फैसला नहीं हुआ है. क्योंकि सबसे ज्यादा पेंच कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आने वाले नेताओं को लेकर फंस रहा है. लेकिन माना जा रहा है कि अब बीजेपी ने इसकी तैयारियां भी कर ली हैं, जहां आने वाले कुछ दिनों में संगठन से लेकर सत्ता कसावट होने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि सरकार को भी एक साल पूरे हो चुके हैं, जिससे अब निगम मंडलों में पद दिए जाएंगे. 

दरअसल, इस बात के संकेत ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक जसंत जाटव की नियुक्ति से मिली है. जाटव कांग्रेस छोड़कर और विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी में आए थे, लेकिन 2018 में बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया, वहीं अब उन्हें शिवपुरी में पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाया गया है, जाटव को बीजेपी में आए हुए चार साल भी नहीं हुए हैं, जबकि जिलाध्यक्ष पद के लिए 6 साल तक सक्रिए सदस्य होना जरूरी है, फिर भी उन्हें यह पद दिया गया. जिससे माना जा रहा है कि और नेताओं को भी जिम्मेदारियां मिलेगी. सूत्रों का कहना है कि निगम और मंडल के लिए सूचियां तैयार हो रही है, प्रदेश अध्यक्ष के पद की नियुक्ति होते ही उनकी घोषणा कर दी जाएगी. 

लोकसभा चुनाव के दौरान सुरैश पचौरी से लेकर रामनिवास रावत जैसे कई सीनियर नेता कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे. माना जा रहा है कि अब इन नेताओं की किस्मत खुल सकती है. सुरैश पचौरी को पार्टी कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है, जबकि रामनिवास रावत मंत्री रहते हुए विधानसभा का उपचुनाव हारे थे, ऐसे में अब उन्हें भी निगम मंडल में जगह देकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. इसी तरह अतुल शर्मा को भी संगठन में जगह मिल सकती है. जबकि कमलनाथ के बेहद खास रहे छिंदवाड़ा के पूर्व विधायक दीपक सक्सेना को भी बीजेपी निगम मंडल में कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है. 

इसी तरह छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा सीट से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी में आए थे, जहां वह बीजेपी के टिकट पर फिर से विधायक चुने जा चुके हैं, पहले तो उन्हें मंत्रिमंडल में लेने की चर्चा थी, लेकिन अब बताया जा रहा है कि निगम मंडल में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. 

सत्ता से संगठन तक में मिलेगी जगह 

बताया जा रहा है कि बीजेपी में कांग्रेस छोड़कर आने वाले पूर्व विधायकों पूर्व सांसदों को भी अहम जिम्मेदारियां मिल सकती है, जो नेता चार से पांच साल पहले बीजेपी में शामिल हुए थे, उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती है, ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें नए प्रदेश अध्यक्ष की टीमों में जगह मिलेगी. वहीं कुछ पूर्व विधायकों को भी निगम मंडल में राज्यमंत्री की जिम्मेदारियां दी जा सकती है. क्योंकि इन नेताओं के आने से लोकसभा चुनाव में बीजेपी को फायदा हुआ था, जबकि कांग्रेस को नुकसान हुआ था. ऐसे में आगे जाकर विवाद की स्थिति न बने इसलिए पार्टी इन्हें एडजस्ट करना चाहती है. 

Share This Article
error: This Content is protected !!