सृजन शुक्ला, जबलपुर। शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में शामिल जवाहरगंज स्थित घमंडी चौक पर बना सार्वजनिक पेशाबघर इन दिनों स्थानीय व्यापारियों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण पेशाबघर से लगातार तेज दुर्गंध आती रहती है, जिससे क्षेत्र का वातावरण दूषित हो गया है।

सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल-स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक पेशाबघर की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बढ़ती जा रही है। दिनभर बड़ी संख्या में लोग इसका उपयोग करते हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था प्रभावी नहीं होने के कारण पूरे क्षेत्र में बदबू फैली रहती है।
बदबू से प्रभावित हो रहा व्यापार-घमंडी चौक के आसपास कपड़ा, किराना, स्टेशनरी, खाद्य सामग्री सहित अनेक प्रकार की दुकानें संचालित होती हैं। व्यापारियों का कहना है कि बदबू के कारण ग्राहक दुकानों पर रुकने से बचते हैं, जिससे उनके व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। दुकानदारों का आरोप है कि सफाई की नियमित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
रहवासियों का जीना हुआ मुश्किल-आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। गर्मी और उमस के मौसम में दुर्गंध और अधिक बढ़ जाती है। उनका कहना है कि घरों और दुकानों में बैठना मुश्किल हो जाता है, जबकि राहगीरों को भी नाक बंद करके निकलना पड़ता है।
रखरखाव के बिना बेकार सार्वजनिक सुविधा-स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण तभी सार्थक है, जब उनका नियमित रखरखाव और साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। समय-समय पर सफाई, कीटाणुनाशक दवा का छिड़काव और आवश्यक मरम्मत से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
स्थायी समाधान की मांग-व्यापारियों और नागरिकों ने नगर निगम से सार्वजनिक पेशाबघर की नियमित सफाई, दुर्गंध रोकने के उपाय, पानी की समुचित व्यवस्था और स्वच्छता की स्थायी निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जल्द समाधान नहीं होने पर वे सामूहिक रूप से नगर निगम के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।
निर्माण नहीं, रखरखाव की है समस्या-पार्षद हर्षित यादव

वार्ड पार्षद हर्षित यादव ने कहा कि करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम द्वारा इस सार्वजनिक शौचालय का नवनिर्माण कराया गया था। निर्माण के दौरान सुरक्षा और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखते हुए पर्याप्त वेंटिलेशन, ऊपर जाली तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित सुविधा मिल सके।उन्होंने कहा कि वर्तमान समस्या निर्माण की नहीं, बल्कि नियमित रखरखाव की है। नगर निगम को इस सार्वजनिक शौचालय के लिए कम से कम दो कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी लगानी चाहिए, जो लगातार सफाई और देखरेख करें। इससे गंदगी और दुर्गंध की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।पार्षद हर्षित यादव ने कहा कि यदि व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी हो रही है तो वे स्वयं उनके साथ महापौर एवं नगर निगम अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाएंगे, ताकि नियमित सफाई और रखरखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
