रियो की ज़ुलिना, जोराइडे और लेविटा का नाम गिनीज बुक में दर्ज होने की तैयारी, वैज्ञानिक बोले- प्रोटेक्टिव जीन और एक्टिव लाइफस्टाइल है लंबी उम्र की असली वजह
कलमवीर, डेस्क। पूरी दुनिया में लंबी उम्र का राज तलाशने के लिए वैज्ञानिक दिन-रात एक कर रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लेकर चीन के शी जिनपिंग तक अपनी उम्र बढ़ाने की कोशिशों को लेकर चर्चा में रहते हैं। इसी बीच ब्राजील की तीन बहनों ने वैज्ञानिकों को उम्मीद की नई किरण दिखाई है। इन तीनों की संयुक्त उम्र 316 साल है और इसी महीने इनका नाम दुनिया की सबसे ज्यादा उम्र वाली बहनों के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है।
रियो डी जनेरियो में रहने वाली ज़ुलिना डी डेउस नुनेस 103 साल की हैं, जोराइडे डी डेउस मोटा 104 साल की हैं और सबसे बड़ी बहन लेविटा डी डेउस नुनेस 109 साल की हैं। हैरानी की बात यह है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी तीनों बहनें शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद स्वस्थ हैं।
इन बहनों पर ब्राजील की साओ पाउलो यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिक मयाना जैट्ज के नेतृत्व में ‘डीएनए लॉन्गेवो प्रोजेक्ट’ चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मकसद एजिंग के पीछे छिपे जैविक फैक्टर का पता लगाना है। वैज्ञानिक इन बहनों के जरिए यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कुछ लोग ज्यादा उम्र में भी मानसिक गिरावट और क्रॉनिक बीमारियों से कैसे बचे रहते हैं।
मयाना जैट्ज का कहना है कि डीएनए टेस्टिंग से हम उन प्रोटेक्टिव जीन को समझ पाएंगे जो लंबी उम्र के लिए जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया में कई ऐसे परिवार हैं जहां कई सदस्य 100 साल से ज्यादा जीते हैं। ऐसे परिवार सटीक शोध में बहुत मदद करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि लंबी उम्र में आनुवांशिक फैक्टर पर्यावरणीय प्रभाव से ज्यादा बड़ी भूमिका निभाते हैं।
इन तीनों बहनों की पहचान ग्लोबल संस्था ‘लॉन्गेवीक्वेस्ट’ ने की है, जो लंबी उम्र के रिकॉर्ड की पुष्टि करती है और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के साथ काम करती है। लॉन्गेवीक्वेस्ट के CEO बेन मेयर्स का कहना है कि जब बहनें एक साथ इतनी उम्र तक पहुंचती हैं तो इसमें जेनेटिक कारण अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही एक-दूसरे के पास रहने से उन्हें भावनात्मक सहारा और परिवार की मदद भी मिलती है, जो कम्युनिटी वाला पहलू लंबी उम्र में मदद करता है।
तीनों बहनें अपनी लंबी उम्र का श्रेय हेल्दी डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल को देती हैं। ज़ुलिना ने बताया कि बचपन में वे नदियों में तैरती थीं और मछली पकड़ती थीं। लेविटा ने क्राफ्ट्सवुमन और बाद में टेलीविजन नेटवर्क में काम किया। जोराइडे नर्स थीं और उन्होंने पांच बच्चों को पाला, जबकि ज़ुलिना घर पर रहकर छह बच्चों की देखभाल करती थीं। लेविटा का कहना है कि वे अपनी जिंदगी को बिना किसी पछतावे के देखती हैं।
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस रिसर्च से उम्र बढ़ाने वाले लक्षणों की पहचान हो सकेगी, जिससे भविष्य में इंसान की औसत उम्र बढ़ाने में मदद मिलेगी।
