सृजन शुक्ला ,जबलपुर। जिले में शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाने, एनीमिया एवं कुपोषण की रोकथाम तथा बाल्यकालीन बीमारियों की समय पर पहचान के उद्देश्य से दस्तक सह स्टॉप डायरिया कैंपेन का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनमोहन नगर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवीन कोठारी ने बच्चों को विटामिन-ए का घोल पिलाकर अभियान की शुरुआत की।
यह अभियान 14 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की दस्तक टीमें घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग करेंगी। साथ ही बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी तथा दस्त से बचाव के लिए ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां भी वितरित की जाएंगी।
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण, एनीमिया और अन्य गंभीर बाल्यकालीन बीमारियों की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान जिले में करीब 2 लाख 92 हजार 395 बच्चों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विटामिन-ए बच्चों की आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विनोद गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष अभियान को तकनीकी रूप से और अधिक प्रभावी बनाया गया है। पहली बार डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) टूल का उपयोग किया जाएगा, जिसके माध्यम से प्रत्येक बच्चे की स्क्रीनिंग और रेफरल की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी। इससे गंभीर रूप से कुपोषित एवं बीमार बच्चों की पहचान में सटीकता बढ़ेगी और उन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) या उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
कार्यक्रम में संस्था प्रभारी डॉ. अंशुल शुक्ला, जन आरोग्य समिति के भोले शंकर सोनी, संभागीय समन्वयक निहार दीवान, डीपीएम डॉ. उपेन्द्र सिंह कुशवाहा, डेटा आरआई मैनेजर विजय पाण्डेय, डीसीएम दीपिका साहू, यूएनडीपी के अतुल करकरे, एपिडेमियोलॉजिस्ट अनिल सिंह, विकास श्रीवास्तव, माया सिंह, एपीएम संदीप नामदेव, अनुप्रिया दीक्षित, वीसीसीएम विकास शर्मा, आलोक अग्निहोत्री सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।
