गोराबाजार शराब दुकान पर कैंट बोर्ड का शिकंजा! नोटिस के बाद भवन और जमीन की जांच, अवैध मिला तो चल सकता है बुलडोजर

Srajan Shukla
Srajan Shukla 23 Views
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कलमवीर जबलपुर। गोराबाजार मुख्य मार्ग स्थित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर पिछले एक माह से जारी विरोध के बीच अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय नागरिकों के लगातार विरोध के बीच ठेकेदार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शराब दुकान पर ताला लगा दिया है। दुकान बंद रखे जाने की सूचना आबकारी विभाग को भी दी गई है। सहायक आबकारी अधिकारी द्वारा भी इस संबंध में जानकारी की पुष्टि किए जाने की बात सामने आई है।

 

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, 15 जुलाई से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान गोराबाजार क्षेत्र दो बार बंद भी हो चुका है। वहीं, 16 अगस्त को महिलाओं ने शराब दुकान में तालाबंदी कर अपना विरोध दर्ज कराया था।

 

मामले में राजस्व अधिकारियों की जांच के दौरान शराब दुकान के धार्मिक स्थल के समीप स्थित होने का मुद्दा भी सामने आया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब दुकान के स्थान और संचालन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, तो अब तक इसे हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह भी जांच का विषय है।

 

कैंट बोर्ड ने भवन स्वामी को थमाया नोटिस

 

इधर, कैंट बोर्ड प्रशासन ने भवन स्वामी को पीपीआई एक्ट के तहत नोटिस जारी किया है। नोटिस में शराब दुकान जिस भवन में संचालित हो रही है, उसके निर्माण और जमीन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। भवन की वैधता तथा भूमि स्वामित्व को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

 

भवन स्वामी को सुनवाई के लिए आगामी माह के प्रथम सप्ताह में उपस्थित होने की संभावना है। कैंट बोर्ड के नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच में भवन का निर्माण शासकीय भूमि पर अवैध रूप से किया जाना पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी स्थिति में भवन के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अथवा बुलडोजर चलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

 

लाइसेंस और एनओसी पर भी उठे सवाल

 

शराब दुकान के लाइसेंस तथा कैंट बोर्ड की अनुमति/एनओसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार दुकान संचालन से संबंधित अनुमति और एनओसी की स्थिति को लेकर प्रश्नचिह्न बना हुआ है।

 

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि नियमों और आपत्तियों के बावजूद दुकान का संचालन होता रहा, तो इसके लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी, इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

 

क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि शराब दुकान के संचालन, भवन की वैधता, भूमि स्वामित्व, कैंट बोर्ड की अनुमति तथा आबकारी विभाग से संबंधित सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

 

अब स्थानीय नागरिकों की नजर कैंट बोर्ड की आगामी कार्रवाई पर है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा, ताकि गोराबाजार क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

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