सृजन शुक्ला,जबलपुर। गंगा नगर स्थित चंदन कॉलोनी (एयरटेल टॉवर के पास) में लगातार हो रही बारिश ने रहवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कॉलोनी की मुख्य सड़कें जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गई हैं, वहीं कई घरों के अंदर तक घुटनों तक पानी भर गया है। जलभराव के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और स्थानीय लोगों में नगर निगम प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
रहवासी धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि चंदन कॉलोनी में जलभराव की समस्या आज की नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। बारिश होते ही सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं और पानी घरों में घुसने लगता है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
बच्चों की पढ़ाई पर लगा ब्रेक
जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर है कि छोटे बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कई बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि सड़क पर कई फीट पानी जमा होने के कारण पैदल निकलना तो दूर, दोपहिया वाहन निकालना भी जोखिम भरा हो गया है।
नाला बंद, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी में पानी निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नाला बंद होने की समस्या को लेकर कई बार नगर निगम की हेल्पलाइन पर शिकायतें की गईं। स्थानीय स्तर पर भी अधिकारियों को आवेदन और शिकायतें दी गईं, लेकिन इसके बावजूद नाला साफ कराने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
‘बड़ा तालाब’ बनी चंदन कॉलोनी
रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों और सत्ता पक्ष का मजबूत प्रतिनिधित्व होने के बावजूद मूलभूत समस्या जस की तस बनी हुई है। मंत्री भाजपा के, विधायक भाजपा के, महापौर भाजपा के और पार्षद भी भाजपा के—फिर भी गंगा नगर की चंदन कॉलोनी बारिश में ‘बड़ा तालाब’ बन गई है। लोगों का सवाल है कि जब जनप्रतिनिधियों और नगर निगम प्रशासन तक लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं, तो फिर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही?
रहवासियों ने मांगा स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, बंद नाले की सफाई कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। अब आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था चाहिए जिससे अगली बारिश में घरों और सड़कों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
