सृजन शुक्ला ,जबलपुर। जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में मतदान के दिन उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब अधिवक्ताओं ने बैलेट पेपर में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए। अधिवक्ताओं का कहना था कि वैध बैलेट पेपर पहले से ही सील थे और कई स्थानों पर चुनाव अधिकारी आवश्यक संख्या में बैलेट पेपर उपलब्ध भी नहीं करा पा रहे थे। आरोपों को लेकर अधिवक्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद बढ़ते विवाद और हंगामे के बीच चुनाव अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया निरस्त कर दी।
मतदान शुरू होने से पहले ही बैलेट पेपर को लेकर अधिवक्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराई। उनका आरोप था कि कई बैलेट पेपर पहले से सीलबंद थे, जबकि कुछ मतदान केंद्रों पर पर्याप्त बैलेट पेपर उपलब्ध नहीं थे। इसे लेकर अधिवक्ताओं और चुनाव अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई।
स्थिति बिगड़ती देख चुनाव अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया तत्काल रोक दी और बाद में पूरे चुनाव को निरस्त करने की घोषणा कर दी। चुनाव निरस्त होने के बाद अधिवक्ताओं के बीच काफी देर तक चर्चा और नाराजगी का माहौल बना रहा।
अब सभी की निगाहें जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव अधिकारियों पर टिकी हैं, जिनके द्वारा नई चुनाव तिथि की घोषणा किए जाने के बाद ही आगे की चुनाव प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। हालांकि, चुनाव निरस्त किए जाने के कारणों को लेकर आधिकारिक पक्ष का इंतजार किया जा रहा है।
