सृजन शुक्ला ,जबलपुर। मध्यप्रदेश पुलिस की आधुनिक पुलिसिंग को नई दिशा देने वाला प्रदेश का सबसे अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त तिलवारा थाना अब अंतिम चरण में है। लगभग 1 एकड़ क्षेत्रफल में करीब ₹2.25 करोड़ की लागत से तैयार किए जा रहे इस हाईटेक थाना भवन का लोकार्पण 1 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस परियोजना के लिए भूमि आवंटन एवं स्वीकृति में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह थाना शहर की कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक मॉनिटरिंग और आपातकालीन पुलिस रिस्पॉन्स को नई मजबूती देगा।

25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया थाना-पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया कि तिलवारा थाना भवन का निर्माण केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि आगामी 25 वर्षों की पुलिसिंग व्यवस्था को ध्यान में रखकर किया गया है। भवन की संरचना, तकनीकी सुविधाएं और संचालन प्रणाली भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित की गई हैं।

तिलवारा थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2017 में तिलवारा थाना अस्तित्व में आया था। क्षेत्र की लगातार बढ़ती आबादी और विस्तारित सीमा को देखते हुए नए भवन की आवश्यकता महसूस हुई। थाना क्षेत्र में मुख्य रूप से गढ़ा थाना क्षेत्र का बड़ा हिस्सा शामिल किया गया, जबकि बरगी और चरगवां थाना क्षेत्रों के कुछ हिस्से भी इसमें जोड़े गए। वर्तमान में थाना क्षेत्र के अंतर्गत 22 गांव आते हैं तथा शहर में मेडिकल कॉलेज से तिलवारा घाट और चूल्हा गोलाई तक का क्षेत्र इसकी सीमा में शामिल है।

सेंट्रल सर्वर रूम से होगी शहर के सीसीटीवी नेटवर्क की निगरानी-तिलवारा थाना की सबसे बड़ी विशेषता इसका सेंट्रल सर्वर रूम होगा। शहर के प्रमुख चौराहों, तिराहों और महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी इसी सर्वर रूम से की जाएगी। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग, अपराधियों की त्वरित पहचान, ट्रैफिक प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। भविष्य में शहर के इंटीग्रेटेड सर्विलांस सिस्टम को भी इसी नेटवर्क से जोड़े जाने की योजना है।

महिला सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर विशेष फोकस-नए थाना भवन में महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग आवासीय एवं कार्य क्षेत्र विकसित किया गया है। महिलाओं की शिकायतों की गोपनीय सुनवाई और काउंसलिंग के लिए पृथक कक्ष बनाए गए हैं, ताकि संवेदनशील मामलों का सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में निराकरण हो सके।पुलिस बल के लिए पुरुष एवं महिला बैरक, मेस, कॉन्फ्रेंस एवं मीटिंग हॉल, रिकॉर्ड रूम, जिम, कैंटीन तथा अध्ययन सामग्री की व्यवस्था भी की गई है, जिससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और फिटनेस दोनों में सुधार हो सके।
खेल मैदान और हरित परिसर भी होगा आकर्षण-थाना परिसर में पुलिस कर्मियों के शारीरिक प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों के लिए बास्केटबॉल कोर्ट सहित खेल मैदान विकसित किया जा रहा है। परिसर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर इसे हरित एवं पर्यावरण अनुकूल स्वरूप दिया गया है।
हाईवे पुलिसिंग और नाकाबंदी में निभाएगा अहम भूमिका-तिलवारा थाना राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित होने के कारण रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तिलवारा घाट पर धार्मिक आयोजनों एवं पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा ट्रैफिक प्रबंधन में यह थाना प्रमुख भूमिका निभाएगा। वहीं किसी बड़ी आपराधिक घटना, दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में हाईवे पर तत्काल नाकाबंदी और त्वरित पुलिस कार्रवाई के लिए यह थाना महत्वपूर्ण ऑपरेशनल सेंटर के रूप में कार्य करेगा।

तिलवारा थाना की प्रमुख विशेषताएं-लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में निर्मित आधुनिक थाना भवन,निर्माण लागत लगभग ₹2.25 करोड़,दो मंजिला अत्याधुनिक भवन,शहर के सीसीटीवी नेटवर्क की निगरानी के लिए सेंट्रल सर्वर रूम,महिला हेल्प डेस्क एवं गोपनीय काउंसलिंग कक्ष,महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों के लिए अलग बैरक,जिम, मेस, कैंटीन और कॉन्फ्रेंस हॉल,खेल मैदान एवं बास्केटबॉल कोर्ट,हरित परिसर एवं आधुनिक आधारभूत सुविधाएं।हाईवे पुलिसिंग, ट्रैफिक कंट्रोल और आपातकालीन रिस्पॉन्स के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान।
तिलवारा थाना का यह नया स्वरूप केवल जबलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में आधुनिक, तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का एक नया मॉडल बनने की ओर बढ़ता कदम माना जा रहा है।
