भोपाल। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, मध्यप्रदेश (JDA MP) ने प्रदेश के रेजिडेंट डॉक्टरों के हितों से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि ये दोनों विषय रेजिडेंट डॉक्टरों के आर्थिक, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक हितों से सीधे जुड़े हैं।
JDA MP ने मांग की है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के 7 जून 2021 के शासनादेश के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टायपेंड में प्रतिवर्ष उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर वृद्धि का प्रावधान है। वर्ष 2026 के CPI आंकड़े भारत सरकार द्वारा जारी किए जा चुके हैं, इसलिए 1 अप्रैल 2026 से देय स्टायपेंड वृद्धि और उसका एरियर तत्काल जारी किया जाए। एसोसिएशन ने वर्ष 2025 की लंबित स्टायपेंड वृद्धि एवं एरियर जारी करने पर राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 की नियमानुसार वृद्धि भी बिना किसी विलंब के स्वीकृत की जाएगी।
वहीं, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंसी प्रोग्राम (DRP) से जुड़ी समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई है। एसोसिएशन का कहना है कि जिला चिकित्सालयों में पदस्थ रेजिडेंट डॉक्टरों का हाउस रेंट अलाउंस (HRA) यथावत रखा जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा वर्तमान DRP बैच की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने की मांग भी की गई है, ताकि रेजिडेंट डॉक्टरों की शैक्षणिक गतिविधियां, थीसिस कार्य और अंतिम परीक्षाएं प्रभावित न हों।
JDA MP ने कहा है कि प्रदेश के रेजिडेंट डॉक्टरों के हितों और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार इन दोनों न्यायोचित एवं नियमसम्मत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
