
सृजन शुक्ला ,जबलपुर। सुहागी स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों के लिए अलग-अलग नियम लागू होने का मामला सामने आया है। शाखा के बाहर स्पष्ट रूप से सूचना पट्ट लगाया गया है, जिसमें बैंक परिसर के अंदर खाताधारकों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध होने की जानकारी दी गई है। लेकिन शाखा के भीतर बैंक कर्मचारी खुलेआम मोबाइल फोन का उपयोग करते दिखाई दिए। इसे लेकर एक खाताधारी ने आपत्ति जताई तो बैंक परिसर में बहस की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब खाताधारी ने कर्मचारियों से पूछा कि यदि ग्राहकों के लिए मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित है तो कर्मचारी किस नियम के तहत मोबाइल चला रहे हैं, तो कर्मचारियों ने जवाब दिया कि “हम स्टाफ हैं, इसलिए मोबाइल का उपयोग कर सकते हैं।” इस जवाब से असंतुष्ट खाताधारी ने कहा कि यदि बैंक में सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया गया है तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
इसके बाद खाताधारी ने शाखा प्रबंधक से भी इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को यदि किसी आधिकारिक कार्य के लिए संपर्क करना हो तो वे शाखा में उपलब्ध लैंडलाइन या अधिकृत दूरभाष का उपयोग करें। ग्राहकों पर एक नियम और कर्मचारियों पर दूसरा नियम लागू करना उचित नहीं है।
खाताधारियों का कहना है कि बैंकों में सुरक्षा संबंधी नियम सभी की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। ऐसे में यदि ग्राहक मोबाइल का उपयोग नहीं कर सकते तो कर्मचारियों को भी नियमों का पालन करते हुए अनावश्यक मोबाइल उपयोग से बचना चाहिए। इससे बैंक की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और अनुशासित दिखाई देगी।
इस घटना के बाद शाखा में मौजूद कई अन्य ग्राहकों ने भी सवाल उठाए कि यदि नियम सिर्फ ग्राहकों पर लागू होंगे और कर्मचारी उससे मुक्त रहेंगे, तो ऐसे नियमों का औचित्य क्या है? ग्राहकों का कहना है कि सार्वजनिक संस्थानों में सभी के लिए समान नियम होना ही निष्पक्ष व्यवस्था की पहचान है।
